क्राइम

निजी लाइसेंस को कमर्शियल का दर्जा मिलने से इंदौर में तीन लाख लाइसेंस धारकों मिलेगा फायदा

Deepak Sungra - indoreexpress.com 15-May-2018 01:23 am


इंदौर.इंदौर में सोमवार से कार के निजी लाइसेंस को कमर्शियल कार लाइसेंस का दर्जा दे दिया गया है। सोमवार से निजी से कमर्शियल लाइसेंस लाइसेंस के इंडोर्समेंट के आवेदनों पर भी रोक लगा दी गई है। आवेदकों को बताया गया कि अब उन्हें इसकी जरूरत नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने मुकुंद देवगन वर्सेस ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी व अन्य के मामले में 3 अप्रैल 2017 को फैसला सुनाते हुए कहा था कि अगर किसी व्यक्ति के पास लाइट मोटर व्हीकल (एलएमवी) का लाइसेंस है तो उसे लाइट ट्रांसपोर्ट व्हीकल (एलटीवी) के लिए भी वैध माना जाएगा। आसान भाषा में कहा जाए तो किसी आवेदक के पास निजी कार चलाने का लाइसेंस होगा तो वह इस लाइसेंस से चार पहिया तक के कमर्शियल वाहनों को भी चला सकता है। इस व्यवस्था को कुछ संशय के कारण लागू नहीं किया था, लेकिन शनिवार को परिवहन आयुक्त द्वारा स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद सोमवार से इंदौर आरटीओ द्वारा भी इस व्यवस्था को लागू कर दिया है।
ये लाइसेंस अपने आप हो गए अपडेट
आरटीओ जितेंद्र रघुवंशी ने बताया कि इंदौर में करीब तीन लाख निजी लाइसेंस चार पहिया वाहनों के हैं। ये सभी नई व्यवस्था लागू होने के साथ ही कमर्शियल कार तक चलाने के लिए भी अपडेट हो गए हैं। इनमें से हजारों लोग इसका इस्तेमाल रोजगार के लिए भी कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि कमर्शियल कार के लाइसेंस के लिए आठवीं की मार्कशीट अनिवार्य है, लेकिन सामान्य लाइसेंस के लिए नहीं। इसके चलते अब ऐसे आवेदक जिनके पास सामान्य लाइसेंस है और मार्कशीट न होने से उसे कमर्शियल नहीं करवा पा रहे हैं उन्हें भी इस व्यवस्था से फायदा मिलेगा।
महिला ड्राइवर्स की कमी भी होगी दूर
पिछले कुछ समय से इंदौर में महिलाओं के लिए महिलाओं द्वारा ऑटो रिक्शा और टैक्सी जैसी सेवा शुरु करने के प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन इसकी सबसे बड़ी परेशानी महिलाओं के पास कमर्शियल लाइसेंस न होना है। लेकिन इस व्यवस्था के लागू होने से अब ये समस्या भी खत्म हो गई है, जिससे शहर में जल्द ही महिलाओं के लिए इस तरह से लोक परिवहन भी शुरू हो सकेंगे।

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